
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं और श्रमिकों को देश-विदेश में रोजगार दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए हैं। Labour & Employment Department की सक्रिय पहल से अब तक हजारों श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार मिला है। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी, बल्कि कौशल का स्तर भी नया आयाम पा चुका है।
6,000 निर्माण श्रमिक इज़राइल पहुंचे
सरकारी प्रयासों के चलते अब तक लगभग 6,000 निर्माण श्रमिकों को इज़राइल भेजा जा चुका है। इसके अलावा, 1,300 प्रशिक्षण पूरी करने वाले श्रमिक जल्द ही विदेश में रोजगार के लिए रवाना होंगे। वहीं, 2,600 निर्माण श्रमिकों की टेस्टिंग प्रक्रिया प्रगति पर है।
जर्मनी, जापान और UAE में भी खुल रहे रोजगार के दरवाजे
प्रदेश सरकार को जर्मनी, जापान, इज़राइल और UAE से केयरिंग, नर्सिंग और तकनीकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार प्रस्ताव मिल रहे हैं। ये अवसर प्रदेश के कुशल और अर्ध-कुशल युवाओं को ग्लोबल लेवल पर काम करने का अनुभव देंगे।
रोजगार मेलों से बढ़ रही युवाओं की Global Reach
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित रोजगार मेलों के जरिए युवाओं का चयन विदेशी नौकरियों के लिए हो रहा है। ये मेल पारदर्शी चयन प्रक्रिया के साथ-साथ युवाओं को उनके कौशल अनुसार बेहतर अवसर भी मुहैया करवा रहे हैं।

आय और कौशल विकास पर फोकस
योगी सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय रोजगार के माध्यम से युवाओं की आय बढ़े, उन्हें वैश्विक कार्य अनुभव मिले और उनके कौशल का सतत विकास हो। इस पहल से न केवल युवाओं का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की श्रमशक्ति की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मजबूत होगी।
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